
मीना ठाकुर, हमीरपुर
हमीरपुर – हिमाचल पथ परिवहन निगम हमीरपुर के दो कर्मचारियों ने मानवता की मिसाल कायम करते हुए एक मरीज की जान बचा दी। मरीज को बचाने के लिए हमीरपुर से जाहू जा रही निगम की बस सीधे भोटा अस्पताल के परिसर में जाकर रूकी। बस के अंदर जहां अपने सामर्थ्य अनुसार यात्री मरीज का उपचार कर रहे थे तो वहीं निगम के चालक परिचालक ने बस को अस्पताल में पहुंचाकर मरीज की जान बचाई। बेशक बस अपने निर्धारित समय से यहां पर ही आधा घंटा लेट हो गई लेकिन यात्रियों ने निगम के इन कर्मचारियों की जमकर तारीफ की। वहीं कर्मचारियों ने यात्रियों के काम को सराहा। पहली बार ऐसा हुआ कि भोटा अस्पताल के परिसर में एचआरटीसी की बस पहुंची हो। एंबुलेंस मार्ग से होते ही निगम की बस अस्पताल के परिसर में पहुंची। यहां पर मरीज को अस्पताल में दाखिल करवाने के उपरांत बस अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई।

हुआ यूं कि बुधवार शाम को हमीरपुर बस अड्डा से 7:05 बजे चलने वाली बस में एक जाहू जाने के लिए एक बुजुर्ग सवार हुए। डिडवीं टिक्कर से आगे मोरसू के समीप जब बस पहुंची तो बुजुर्ग आदमी अचानक बेसुध हो गए। यह अचानक सीट से नीचे गिरे तथा होश खो बैठे। सवारियों ने तुरंत प्रभाव से मरीज का उपचार करना शुरू कर दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि व्यक्ति को हृदयघात हो गया है। ऐसे में यात्रियों ने उनकी चेस्ट को दबाना शुरू कर दिया। कुछ देर चेस्ट को दबाने के उपरांत मरीज को होश आया। इस दौरान एंबुलेंस को भी कॉल किया गया लेकिन पता चला कि एंबुलेंस हमीरपुर से आएगी। एंबुलेंस का आने में समय लग जाना था ऐसे में एचआरटीसी की बस को ही भोटा अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया गया। यात्रियों के आग्रह के उपरांत चालक परिचालक ने निगम की बस को भोटा अस्पताल के परिसर में पहुंचा दिया।







