
विवेक शर्मा हमीरपुर :- कभी किसी ने सोचा भी न होगा की जो मां बेटी विदेश जाने के सपने देख रही है वह कभी अपने घर भी नही लौट पाएगी । एक हादसे ने मां बेटी दोनों की ज़िंदगी छीन ली ।ऐसा ही मामला सामने आया है जिला हमीरपुर के
ग्राम पंचायत उटप के तहत आने वाले लंजियाना गांव की मां बेटी की चिताओं शुक्रवार को एक साथ जली। बीती 25 जुलाई को दिल्ली सड़क हादसे में हुई मौत के बाद मां बेटी के शव शुक्रवार सुबह पैतृक गांव पहुंचे। महिला का पति कनाडा तथा बेटा हांगकांग से लौटे तभी शवों का अंतिम संस्कार किया गया। मां बेटी की एक साथ चिंताएं जलता देख लोगों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। जैसे ही सुबह करीब 8:00 बजे शव पैतृक गांव पहुंचे वैसे ही माहौल मातम भरा हो गया। इसके बाद शवों को श्मशान घाट ले जाया गया जहां पर महिला के शव का संस्कार श्मशान घाट के अंदर जबकि बेटी के शव का अंतिम संस्कार श्मशान घाट के बाहर किया गया।
बता दें कि बेटी अपनी मां को लेकर विदेश जाना चाहती थी। इसी के चलते 24 जुलाई की रात को दोनों मां बेटी दिल्ली के लिए रवाना हो गई तथा उनके साथ उनकी एक अन्य महिला रिश्तेदार भी थी। गाड़ी को भी परिवार का ही एक युवक चला रहा था। सोमवार सुबह दिल्ली पहुंचते ही गाड़ी की एक बस से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में मां बेटी तथा महिला रिश्तेदार की मौत हो गई जबकि एक 18 महीने का बच्चा और गाड़ी चालक गंभीर घायल हो गए। घायलों का उपचार चल रहा है। मां बेटी का शव इसलिए पैतृक गांव नहीं भेजा गया क्योंकि महिला का पति तथा बेटा विदेश में नौकरी करते हैं। विदेश से लौटने के बाद शुक्रवार को शवों का अंतिम संस्कार किया गया। ग्राम पंचायत उटप के पूर्व प्रधान नानक चंद ने बताया कि शुक्रवार को शवों का अंतिम संस्कार किया गया है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की है।







