हिमाचल प्रदेश में रिवाज नहीं बदला राज बदला है। कांग्रेस ने अपना नेता चुन लिया है। अब बारी भाजपा की है।

विवेकानंद वशिष्ठ/हमीरपुर :- हिमाचल प्रदेश में रिवाज नहीं बदला राज बदला है। कांग्रेस ने अपना नेता चुन लिया है। अब बारी भाजपा की है।

इन सबके बीच सूत्रों की हवाले से बड़ी खबर सामने आई है कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नेता प्रतिपक्ष बनने से इंकार कर दिया है। ऐसे में अब विरोधी दल का नेता कौन होगा यह बड़ा सवाल बन गया है।

भाजपा सूत्रों का कहना है कि ब्राह्मण डिप्टी सीएम और राजपूत मुख्यमंत्री के बीच भाजपा प्रदेश के 30% दलित जनसंख्या को साधने के लिए किसी अनुसूचित जाति के विधायक को नेता प्रतिपक्ष बनाया जा सकता है।

मंडी को मिलेगा नेता प्रतिपक्ष का पद या कांगड़ा को, इस बात की बहस छिड़ गई है। इन सबके बीच नेता प्रतिपक्ष के लिए चुराह विधायक डॉ हंस राज के नाम की मांग समर्थकों ने सोशल मीडिया पर करनी शुरू कर दी है।
बता दें कि डॉ हंस राज चंबा कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सबसे वरिष्ठ और सबसे युवा भाजपा विधायक उभर कर सामने आए हैं। डिप्टी स्पीकर रहे हंस राज मात्र 39 वर्ष के हैं और लगातार तीसरी बार विधानसभा पहुंचे हैं।

दलित चेहरा हो सकता है नेता प्रतिपक्ष ! BJP में शुरू हुआ मंथन का दौर।

चंबा कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से विपिन परमार और विक्रम ठाकुर भी सीनियर भाजपा लीडर हैं लेकिन लगातार जीत के मामले में हंस राज इन दोनों नेताओं से वरिष्ठ हैं। अपनी बेबाक और निर्भीक छवि के लिए जाने जाते हैं।वर्ष 2021 में बजट सत्र के दौरान हंस राज का तेवर प्रदेश ने देखा था । ऐसे में अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा नेता प्रतिपक्ष के लिए किसका चेहरा सामने लाती है। भाजपा नेताओं का स्पष्ट कहना है कि शीर्ष नेतृत्व तय करेगा कि नेता विपक्ष कौन होंगे।

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