पर्दे के पीछे के सलाहकारों ने हालात बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी

शिमला ब्यूरो

हालात और परिस्थितियाँ इतनी भी बुरी नहीं थी की बात हाथ से निकल जाए ।

‘फूट डालो और राज़ करो’ की नीति ने जहां प्रदेश की राजनीति को अस्थिर करने में बड़ी भूमिका निभाई, वहीं दोनों तरफ की हठधर्मी ने कांग्रेस की फ़ज़ीहत् करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। दोनों तरफ के सलाहकार अपनी सीध लगाते रहे और नुकसान कांग्रेस को होता रहा। हमीरपुर जिला की मीडिया का एक वर्ग जहाँ चुप्पी साधे रहा और न काहू से दोस्ती न काहू से बैर की नीति पर चल रहा है, वहीं मीडिया के कुछ लोग, जो मुख्यमन्त्री को अपनी जेब में लेकर घूमने का दावा करते थे, एक साल में ही सरकार में अपनी दाल न गलने पर अपनी निष्ठाएं बदल बैठे। शिमला का मीडिया इस मामले में तटस्थ रहा। शिमला का मीडिया पहले ही दिन से मुख्यमन्त्री को निशाने पर रखने की अपनी नीति में अडिग रहा। मुख्यमंत्री के प्रति उन्होंने सही या गलत का आंकलन किये बिना, बस देशी भाषा में कहें तो गेडा, देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ऐसा प्रतीत हुआ, जैसे वे इसी सुनहरी मौके का इंतज़ार कर रहे थे। दोनों तरफ के सलाहकारों की तरह, इन्होंने भी स्कोर सेटल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। बात सिर्फ दोनों पक्षों के अहं की थी और उसी अहं ने आज दोनों को तलवारों के साथ आमने- सामने खड़ा कर दिया।

 

अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सबकी नजर है। चुनाव आयोग, इन 6 सीटों को खाली मानकर, लोकसभा के साथ ही इनकी चुनावी तैयारियों में भी जुट गया है। सब एक दूसरे के कंधे पर बंदूक रखकर निशाने साध रहे हैं। इस सबमें, सबसे अधिक छला हुआ, जनता खुद को महसूस कर रही है, जो दोनों पक्षों, विशेषकर बागियों के सोशल मीडिया पोस्ट्स पर भड़ास निकालने में कोई कसर नहीं छोड़ रही । आने वाले समय में क्या होता है? क्या नहीं होता है? ये समय के गर्भ में छिपा है, लेकिन दोनों पक्षों के कथित शुभचिंतकों ने पर्दे के पीछे से खलनायक की भूमिकाएं निभा कर चुने हुए और लोक प्रिय नेताओं के भविष्य पर काले बादल मंडराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। भावनाओं में बहकर इन 6 कांग्रेस नेताओं जो कदम उठाया, उसकी अपेक्षा आम जनता को कदापि नहीं थी। मुख्यमंत्री का कहना की सुबह का भुला शाम को घर लौट आए का जवाब भी दूसरे पक्ष से आ चुका है, तो सुलह की गुनज़ाइश् अब कम ही दिख रहीं हैं। अब सबकी नज़रें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ही टिकी हैं तथा अगला कदम भी दोनों तरफ से, उसी फैसले के बाद उठाए जाने की संभावना है। तब तक सभी दोनों तरफ के tweetes का मज़ा लेते रहें…जय हिमाचल #SukhvinderSinghSukhu #rajinderrana #SudhirSharma #HPCMO #RahulGandhi #PriyankaGandhi

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