प्रो. धूमल से उर्मिल ठाकुर की मुलाकात के निकल रहे कई सियासी मायने

हमीरपुर ब्यूरो

हिमाचल के 6 विधानसभा क्षेत्रों में लोकसभा चुनाव के साथ उपचुनाव भी होने जा रहे हैं। इसके लिए विभिन्न राजनीतिक, दल राजनेता अपने अपने तरीके से इनमें संभावनाएं देखने में लगे है। हिमाचल में हो रही राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अब राजनेता और जनता दोनो ही विचित्र स्थिति में है। अब वह समझ नहीं पा रहे हैं की कौन अपना अब कौन पराया है। जो पुराने दुश्मन थे वह अब एक दूसरे के साथ नजर आ रहे हैं और मित्र अब एक दूसरे के खिलाफ तलवारें लेकर खड़े दिख रहे हैं। इन सब के बीच जो सबसे ज्यादा उलझन में है वह है हिमाचल की आम जनता।

 

नये उपजे ताजा हालातों में ही आज प्रदेश की पूर्व संसदीय सचिव और हमीरपुर की पूर्व विधायक उर्मिल ठाकुर ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से उनके निवास पर मुलाकात की। हालांकि औपचारिक रूप से उर्मिल ठाकुर वहां अनुराग सिंह ठाकुर को पांचवीं बार भाजपा की टिकट मिलने पर बधाई देने गई थी, लेकिन उनकी इस मुलाकात के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। किसी समय उर्मिल ठाकुर का सबसे बड़ा विरोध भारतीय जनता पार्टी में राजेंद्र राणा को दी जा रही तरजीह को लेकर था। जिसके बाद उर्मिल ने समीरपुर से अपनी दूरी बना ली थी। उर्मिल ठाकुर ने हालांकि कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी लेकिन उनको कभी भी कांग्रेस के किसी कार्यक्रम में नहीं देखा गया और कुछ समय बाद उर्मिल ठाकुर ने फिर से भाजपा की सदस्यता ले ली थी। राजनीति से जुड़े लोगों की माने तो उर्मिल ठाकुर अब सुजानपुर में होने वाले विधानसभा उपचुनाव में अपनी राजनीतिक भूमि की तलाश कर रही हैं और महिला नेत्री होने के नाते वह अपना हक इस सीट पर जता रही हैं। गौरतलब है कि उर्मिल ठाकुर की भाजपा हाईकमान में काफी अच्छी पकड़ है और वो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी करीबी मानी जाती हैं।

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