
विशाल राणा, हमीरपुर
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर के आर्किटेक्चर विभाग ने “प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना” के तहत एक प्रभावशाली पहल की है। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर एच.एम. सूर्यवंशी और रजिस्ट्रार डॉ. अर्चना संतोष ननौटी के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू की जाएगी। 28 नवंबर से इस योजना के तहत स्थानीय राजमीस्त्रियों को अपने कौशल को निखारने का एक सुनहरा अवसर प्राप्त होगा। एनआईटी हमीरपुर के वास्तुकला विभाग ने इस योजना का नेतृत्व संभाला है और इसे “केंद्र” के रूप में घोषित किया गया है।
इस योजना के अंतर्गत, कारीगरों और शिल्पकारों को पहचान, कौशल विकास, और आधुनिक उपकरणों का उपयोग करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी उत्पादकता, गुणवत्ता, और क्षमता में सुधार होगा। इसके साथ ही, उन्हें ब्रांड प्रचार और बाजार तक पहुंच के लिए एक मंच भी मिलेगा।
संस्थान की यह प्रतिबद्धता न केवल इन कारीगरों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि समाज कल्याण का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी है।
वास्तुकला विभाग का यह कदम सामाजिक उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो अंततः आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देगा।