बजट को लेकर देश के आमजन को बड़ी अपेक्षाएं थी, परंतु यह बजट देश जनता के लिए निराशा ही लेकर आया है : राजिंदर जार

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :-  देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा देश का वर्ष 2023-24 का सालाना बजट भारतीय संसद में पेश किया गया जबकि इस बजट को लेकर देश के आमजन को बड़ी अपेक्षाएं थी परंतु यह बजट देश और कम से कम इस प्रदेश की जनता के लिए निराशा ही लेकर आया है यह बात आज यहां से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति द्वारा कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष राजिंदर जार ने कहीं। एक घाटे का बजट पेश कर वित्त मंत्री ने देश पर और अधिक खर्च बढ़ाने का काम किया है। केंद्रीय सरकार पर वर्ष 2014 से पहले लगभग पंद्रह हजार लाख करोड़ कर्ज था जो कि मोदी सरकार के मात्र 9 वर्षों के शासन काल में बढ़कर तिगुना लगभग एक लाख पचपन लाख करोड़ हो गया है। मोदी सरकार किस बात को लेकर अपने समय में भारत को विश्व की पांचवीं आर्थिक शक्ति बता रही है। यह मोदी सरकार जो 2022 तक किसानों की कमाई दोगनी करने की बात करती नहीं थकती थी इस बजट में जैसी अपेक्षा की जा रही थी कि शायद किसानों की उपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी बढ़कर दोगोनी करनी चाहिए थी जैसा बिल्कुल नहीं हुआ है।
राजेंद्र जार ने प्रस्तावित बजट 2023-24 को लेकर मोदी सरकार की देश के सामने आज की भीषण समस्याओं बेरोजगारी और महंगाई पर कोई बात नहीं की गई जो कि सबसे निराशाजनक पहलू आज के बजट का है।बड़ी योजनाओं जो इस बजट में प्रस्तावित है जैसे बड़े पैमाने पर हवाई अड्डों का निर्माण आदि जिस पर कि बाद में अडानी और अंबानी का ही कब्जा होने वाला है। वेतन भोगियों के लिए इनकम टैक्स की सीमा पांच लाख से बढ़ाकर सात लाख करना ही एक सराहनीय कदम है। हिमाचल प्रदेश इस बार फिर रेल लाइनों से महरूम रखा गया है।

[covid-data]