सुजानपुर में मुख्यमंत्री की घोषणाएं पुरानी बोतल में नई शराब की तरह : कैप्टन रंजीत राणा

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- सुजानपुर में मुख्यमंत्री की घोषणाएं पुरानी बोतल में नई शराब की तरह है पहले कार्यालय डिनोटिफाई किए उसके बाद उन्हीं कार्योलयो को खोलने की घोषणा कर दी, मुख्यमंत्री अपनी तरफ से कुछ नया करते तो कुछ बात बनती यह बात सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी रहे वर्तमान में जिला परिषद सदस्य  कैप्टन रंजीत राणा ने कांग्रेस पार्टी पर चुटकी लेते हुए कही है भाजपा नेताओं ने कहा कि स्थानीय विधायक अपनी वाहवाही लूटने के चक्कर में मुख्यमंत्री के सामने विकास कार्यों की लंबी लिस्ट सुनाते रहे लेकिन विधायक शायद इस बात को भूल गए हैं कि यह दोनों डिवीजन कार्यालय उनकी सरकार ने  ही डिनोटिफाई किए हैं इन्हें सुजानपुर में धरातल पर खोलने का कार्य पूर्व में रही भाजपा सरकार ने किया है सत्ता परिवर्तन होने के बाद प्रदेश में स्थापित कांग्रेस सरकार के मुखिया ने सबसे पहले उन कार्यालयों को बंद करने की घोषणा की जो पूर्व में भाजपा सरकार ने खोले थे  और हास्य पद बात यह है कि उन्हीं दोनों डिवीजन कार्यालयों को खोलने की घोषणा मुख्यमंत्री होली मेले की सांस्कृतिक संध्या के अवसर पर सुजानपुर में मंच से करते हुए नजर आए भाजपा नेताओं ने कहा कि अगर डिवीजन कार्यालय खोलने ही थे तो उन्हें बंद क्यों करवाया था क्या केवल वाहवाही लूटने के चक्कर में पहले बंद किए और फिर शुरू कर दिए विधानसभा क्षेत्र की जनता जानती है कि कौन सा कार्यालय किसने खुलवाया है और कौन से कार्यालयों पर कौन ताला लटका रहा है उन्होंने कहा कि सुजानपुर के सिविल हस्पताल को 50 बेड से बढ़ाकर सो बेड करने की बात यहा के विधयक कर रहे है  अगर बेड संख्या बढ़ाने की बजाय यहां बेहतरीन डॉक्टर उपलब्ध करवाते तो शायद इलाके की जनता के लिए बेहतरीन बात होती उन्होंने कहा कि एक तरफ से सत्तासीन सरकार शिक्षण संस्थानों को बंद कर रही है अनेकों महाविद्यालय जो भाजपा ने खोले थे उन्हें डिनोटिफाई किया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ स्थानीय विधायक मुख्यमंत्री से नया महाविद्यालय खुलवाने की मांग कर रहे हैं तमाम बातें हास्य पद हैं सुजानपुर में बस स्टैंड की घोषणा पूर्व में रही कांग्रेस सरकार  के उस समय के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पहले भी की थी लेकिन एक बार फिर से अब बस स्टैंड की घोषणा सुखविंदर सिंह सुक्खू से यहां के विधायक ने करवाई है उन्होंने कहा कि विधायक इस पर स्थिति स्पष्ट करें कि वीरभद्र सिंह की घोषणा पर उन्हें विश्वास नहीं था जो उन्हें फिर से बस अड्डे की घोषणा सुखविंदर सिंह सुक्खू से करवाने की सूझ पड़ी। कुल मिलाकर स्थानीय विधायक ने अपनी वाहवाही लूटने के चक्कर में मुख्यमंत्री से झूठी घोषणाओं की झड़ी लगवाई है जिनका धरातल पर कुछ भी होता नजर नहीं आ रहा है।
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