मोदी सरकार भारतीय संविधान में उपलब्ध व्यक्ति की अभिव्यक्ति की आजादी को छीन रही : राजेंद्र जार

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष एवं हमीरपुर कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र जार ने आज यहां जारी प्रेस बयान में कहा है कि वर्तमान मोदी सरकार भारतीय संविधान में उपलब्ध व्यक्ति की अभिव्यक्ति की आजादी को छीन रही है। मोदी सरकार अपने राजनीतिक विरोधियों का उत्पीडन कर रही है। इस उत्पीड़न के लिए राष्ट्रीय एजेंसियों मुख्यता ईडी , सीबीआई , इनकम टैक्स का उपयोग किया जा रहा है। इन सरकारी एजेंसियों के माध्यम से लगातार विरोधियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। दल बदल कर भाजपा मे शामिल हो रहे नेताओं के भ्रष्टाचार को माफ किया जा रहा है। मोदी सरकार संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग को भी अपना तोता बनाए हुए है। लोकतंत्र मे चुनी हुई सरकार के जनता के प्रति दायित्वों की अनदेखी कर उन्हें महंगाई , बेरोजगारी भुखमरी एवं गरीबी की भट्टी में झोँकर देश के सांप्रदायिक सद्भाव तथा लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट मोदी सरकार के इन जन विरोधी कृत्यों पर गंभीर संज्ञान ना लेता तो शायद देश के जनता एवं राजनीतिक विरोधियों की आवाज पूरी तरह बंद हो चुकी होती। केंद्रीय कानून मंत्री का हालिया बयान कि, देश की न्यायपालिका को विपक्ष की भूमिका के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, कहीं ना कहीं मोदी सरकार की त्रुटिपूर्ण कार्यप्रणाली पर आए दिन की गई सुप्रीम कोर्ट द्वारा विरोधाभासी टिप्पणियों को लेकर मजबूर हो करके बोलना पड़ रहा है । कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र जार ने आगे कहा कि जिस तरह से जनता व देश के कल्याण से जुड़े अति महत्वपूर्ण मुद्दों और सरकार की खामियों को बार-बार सामने लाने पर भी वर्तमान मोदी सरकार पूरी तरह अनभिज्ञ नजर आती है उससे मजबूर होकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इंग्लैंड के कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में पूरे विश्व का ध्यान भारत की तरफ खिँचा है। राहुल गांधी द्वारा दिए गए संबोधन में मोदी सरकार की कार्य प्रणाली की पोल खोल कर रख दी है। ऐसे मे मोदी सरकार का असली रूप विश्व के सामने आ चुका है। मोदी सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों की दुहाई देते नहीं थकती है लेकिन वास्तविकता यह है कि केंद्र की वर्तमान भाजपा सरकार के उत्पीड़न से देश की जनता दुखी है और अब यह आवश्यक है कि अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव में जनता इस सरकार से अपना हिसाब चुकता कर ले।

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