
हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता खत्म करने में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा दिखाए गए अति उतावलेपन को लेकर सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने आज यहां जिला मुख्यालय में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में भाजपा पर ताबड़तोड़ हमले बोले और मोदी सरकार पर सवालों की बौछार की । उन्होंने आरोप लगाया कि अदानी विवाद को लेकर जिस तरह राहुल गांधी लगातार संसद में हमलावर हो रहे थे और इस मुद्दे पर जेपीसी गठित ना किए जाने का मामला बार बार उठा रहे थे , उससे भाजपा के भीतर हड़कंप का माहौल था और अदालत के एक फैसले को आधार बनाकर जिस तरह आनन-फानन में राहुल गांधी की सदस्यता खत्म की गई, उससे यह साफ पता चलता है कि भाजपा इस मुद्दे पर बैकफुट पर थी।
राजेंद्र राणा ने कहा कि राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करके मोदी सरकार ने देश में लोकतंत्र की आवाज को कुचलने का प्रयास किया है लेकिन मोदी सरकार अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाएगी क्योंकि राहुल गांधी द्वारा अपनी भारत जोड़ो यात्रा के साथ साथ संसद में भी जिस तरह विभिन्न मुद्दों पर भाजपा को कटघरे में खड़ा किया जा रहा था और अडानी मामले पर तीखे सवाल पूछे जा रहे थे, वे सवाल और मुद्दे आज भी प्रासंगिक बने हुए हैं और भाजपा इससे अपना पल्ला नहीं झाड़ सकती। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की सदस्यता सिर्फ इसी लिए समाप्त की गई क्योंकि ताकि वे संसद में मोदी सरकार को ना घेर सकें और ना ही सवाल उठा सकें।
राजेंद्र राणा ने कहा कि अपने भारत छोड़ो यात्रा के दौरान भी राहुल गांधी महंगाई, बेरोजगारी, पुरानी पेंशन, भ्रष्टाचार और हिंसा के मुद्दे लगातार उठा रहे थे। इससे भाजपा के भीतर परेशानी का आलम था। देश की जनता का भी भरपूर समर्थन राहुल गांधी को मिल रहा था और राहुल गांधी संसद से सड़क तक आम आदमी के हित की लड़ाई लड़ रहे थे।
राजेंद्र राणा ने कहा कि राहुल गांधी का मकसद देश में लोकतंत्र को बचाना रहा है। लेकिन केंद्र की बेचैन और घबराई हुई भाजपा सरकार द्वारा
राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द करने का मतलब लोकतंत्र को चोट पहुंचाना और खत्म करना है। कांग्रेस पार्टी देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रयासरत रहेगी और कानूनी लड़ाई के साथ साथ राजनीतिक लड़ाई भी जारी रहेगी और बिना खामोश हुए ‘अडाणी महाघोटाले’ पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की मांग करती रहेगी.
राजेंद्र राणा ने कहा कि देश की जनता इस तथ्य से भलीभांति अवगत है कि राहुल गांधी जनता के हितों के लिए और इस देश के लिए लगातार सड़क से संसद तक लड़ रहे थे। देश में लोकतंत्र को बचाने की हर सम्भव कोशिश कर रहे थे, जिसकी उन्हें कीमत चुकानी पड़ी है लेकिन कांग्रेस पार्टी हर षड्यंत्र के बावजूद यह लड़ाई हर क़ीमत पर जारी रखेगी और अगले चुनाव में देश की जनता भाजपा को आईना दिखाएगी।
राजेंद्र राणा ने कहा कि राहुल गांधी देश की आवाज हैं जो इस तानाशाही के खिलाफ अब और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा में राहुल जी ने महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और हिंसा का मुद्दा उठाया. इन पर ध्यान देने की जगह भाजपा सरकार राहुल जी के खिलाफ दमनकारी कदम उठा रही है.
राजेंद्र राणा ने कहा कि राहुल गांधी जी ने अडानी के भ्रष्टाचार पर कुछ सवाल ही तो उठाए थे। जिनका देश के प्रधानमंत्री जी को संसद में जवाब देना चाहिए था। लेकिन उल्टा राहुल गांधी की आवाज बंद करने के लिए उनकी आनन-फानन में संसद सदस्यता समाप्त कर दी गई। देश की जनता छल, कपट वाली अहंकारी सत्ता को पसंद नहीं करती। समय आने पर जनता इसका माकूल जवाब अपने वोट से देगी ।
राजेंद्र राणा ने कहा कि 7 फरवरी, 2023 को श्री राहुल गांधी ने संसद में अपने भाषण में अडानी महा-घोटाले पर 2 सीधे सवाल पूछे -:
1. क्या अडानी की शेल कंपनियों में ₹20,000 करोड़ या 3 बिलियन डॉलर हैं ? अडानी इस पैसे को खुद कमा नहीं सकता क्योंकि वो इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस में है। यह पैसा कहां से आया? किसका काला धन है? ये किसकी शेल कंपनियां हैं? ये कंपनियां डिफेंस फील्ड में काम कर रही हैं। कोई क्यों नहीं जानता? यह किसका पैसा है? इसमें एक चीनी नागरिक शामिल है। कोई यह सवाल क्यों नहीं पूछ रहा है कि यह चीनी नागरिक कौन है? वह पहला सवाल था।
2. प्रधानमंत्री मोदी जी का अडानी से क्या रिश्ता है? उन्होंने श्री अडानी के विमान में आराम करते हुए पीएम मोदी की तस्वीर दिखाई। उन्होंने रक्षा उद्योग के बारे में, हवाई अड्डों के बारे में, श्रीलंका में दिए गए बयानों के बारे में, बांग्लादेश में दिए गए बयानों के बारे में, ऑस्ट्रेलिया में स्टेट बैंक (भारत के) के चेयमैन के साथ बैठे श्री नरेंद्र मोदी और श्री अडानी की तस्वीरें, जिन्होंने कथित तौर पर $1 बिलियन का ऋण स्वीकृत किया था, के बारे में दस्तावेज दिए। यह सबूत के साथ सवालों का दूसरा सेट था।
राजेंद्र राणा ने कहा कि अडानी प्रकरण पर संसद में श्री राहुल गांधी के भाषण के ठीक 9 दिन बाद, उनके खिलाफ मानहानि का मामला फिर से शुरू हो गया। राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण से अडानी घोटाले के महत्वपूर्ण अंश और श्री राहुल गांधी के भाषण (लगभग पूरी तरह से) को संसद के रिकॉर्ड से हटा दिया गया। ऐसा क्यों किया गया ?
राजेंद्र राणा ने कहा कि राहुल गांधी को घेरने और वास्तविक मुद्दे से देश की जनता का ध्यान हटाने के लिए केंद्र सरकार के कुछ मंत्रियों ने लगातार श्री राहुल गांधी पर योजनाबद्ध तरीके से तीखे हमले बोले। लोक सभा अध्यक्ष महोदय को राहुल जी ने दो लिखित अनुरोध किये कि उनको संसद में जवाब देने दिया जाए। इस के बाद तीसरी बार अध्यक्ष जी से मीटिंग भी की । पर तीन अनुरोधों के बावजूद संसद में उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया गया जिससे साफ़ पता चलता है कि सत्ता धारी दल इस मामले में खुद को कटघरे में खड़ा पा रहा था।
राजेंद्र राणा ने कहा कि बीजेपी की ध्यान भटकाने की कवायद 3 हास्यास्पद आरोपों से साबित होती है।
सबसे पहले, उन्होंने दावा किया कि श्री राहुल गांधी ने “विदेशी ताकतों” से लंदन में भारत की मदद करने के लिए कहा। ये एक सफेद झूठ है ! अगर कोई उनके वक्तव्यों को ध्यान से देखें, तो उन्होंने कहा कि ये “भारत का अंदरूनी मामला है, हम स्वयं इसका हल निकालने में सक्षम है।”
दूसरा, भाजपा अब झूठा हौवा खड़ा कर रही है कि श्री राहुल गांधी ने ओबीसी को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया, क्योंकि उन्होंने पीएम मोदी से एक सवाल किया था! ध्यान भटकाने का यह एक और बोगस हथकंडा है! जो व्यक्ति देश में एकता और एकजुटता का संदेश देने के लिए “भारत जोड़ो यात्रा” में 4000 किलोमीटर पैदल चल सकता है, वो कैसे एक समुदाय को निशाना बना सकता है?
तीसरा – सूरत, गुजरात में एक निचली अदालत के फैसले के 24 घंटे के भीतर- भाजपा ने श्री गांधी को लोकसभा में उनकी सदस्या को रद्द करने के लिए “बिजली की गति” से काम किया, भले ही अदालत ने उन्हें उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए 30 दिन का समय दिया था! भाजपा श्री राहुल गांधी से इतना डरती क्यों है ? देश की जनता यही सवाल भाजपा से जानना चाहती है।
इस अवसर पर कांगड़ा बैंक के चेयरमैन कुलदीप सिंह पठानिया, रतन डोगरा, अखिलेश चौधरी, ज़िला कांग्रेस महासचिव रजत राणा भी मौजूद रहे।







