पर्यटन एवं रोजगार की दृष्टि से विकसित होगा सुजानपुर: राजेंद्र राणा

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ  :- सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के अपने दौरे के दौरान आज विधायक राजेंद्र राणा ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऊहल में एक करोड़ बारह लाख पंचानवे हज़ार रुपये की लागत से बनने वाले विज्ञान प्रयोगशाला भवन का शिलान्यास किया और कहा कि जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया इससे आने वाले दिनों में स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं को विज्ञान प्रयोगशाला की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि विज्ञान प्रयोगशाला बहुत पहले बन जाने थी लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद इसका निर्माण कार्य खटाई में चला गया। लेकिन फिर से प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद अब विकास कार्यों में फिर से तेजी लाई जाएगी।
ऊहल स्कूल में बनेगा साइंस भवन, धनोटू का दुर्गा धाम जनता को किया समर्पित 
जो भी पुराने काम कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत हुए थे, पूर्व में रही भाजपा सरकार ने उनके काम नहीं किए उन सभी के काम धरातल पर उतारे जाएंगे।
 उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को शिक्षा के क्षेत्र में तमाम सुविधाएं मिले , इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। यहां के युवाओं को महाविद्यालय की सुविधा मिले, घर द्वार पर उन्हें शिक्षा ग्रहण करने का मौका मिले, इसके लिए निकटवर्ती पंचायत में महाविद्यालय के लिए भूमि तलाश का कार्य पूरा किया गया है। आने वाले दिनों में जहां महाविद्यालय का अपना भवन बनेगा जिसके बाद यहां के युवाओं को महाविद्यालय में पढ़ने के लिए सुजानपुर और हमीरपुर जाने की जरूरत नहीं रहेगी। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय खोलने के लिए विधिवत घोषणा की है। इससे पहले पंचायत में पहुंचे विधायक का पंचायत प्रतिनिधियों व स्थानीय लोगों ने ढोल नगाड़े बजाकर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया । इस दौरान विधायक ने विभागीय अधिकारियों के साथ जन समस्याएं भी सुनी और उनका मौके पर निपटान किया
विधायक राजेंद्र राणा ने ग्राम पंचायत करोट के धनोटू में बनकर तैयार हुए नवदुर्गा धाम का लोकार्पण किया।
उन्होंने विधिवत पूजा अर्चना करने के बाद यह धाम विधिवत जनता को समर्पित किया । उन्होंने कहा कि मनरेगा कन्वर्जेंस के अंतर्गत पंचायतों में इस तरह के धाम बनाकर यहां पर्यटन एवं रोजगार को बढ़ावा मिल रहा है। इस तरह के काम भविष्य में भी होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि कौन सी पंचायत में इस तरह का काम हो सकता है , इसके लिए भूमि तलाश और प्रपोजल बनाकर तैयार किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को घर द्वार पर पर्यटन एवं रोजगार की सुविधा मिले।
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