बिकाऊ विधायक लोकतंत्र के लिए खतरा : कांग्रेस निजी स्वार्थ में बेचा ईमान, संविधान को खत्म करना चा रही भाजपा 

हमीरपुर विशाल राणा

भोरंज से कांग्रेस विधायक सुरेश कुमार और हमीरपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती ने कहा है कि बिकाऊ विधायक लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। कांग्रेस के छह पूर्व विधायकों ने खुद का ईमान बेचकर लोकतंत्र की हत्या की है। हिमाचल में खरीद फरोख्त की राजनीति कभी नहीं रही। भाजपा ने राज्यसभा सीट जीतने के लिए इसकी शुरूआत की। बिकाऊ विधायकों ने निजी स्वार्थ के लिए अपना ईमान बेचा है। भाजपा संविधान को ही खत्म करना चाह रही है।

सुरेश व भारती ने कहा कि बिकाऊ को जनता कभी माफ नहीं करेगी। लोगों ने पांच साल के लिए विधायक चुने थे, लेकिन वह 14 महीने में ही बिक गए। यह जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा है। बिकाऊ विधायकों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा थी, उन्हें क्षेत्र की जनता से कोई सरोकार नहीं है। हर बिके हुए विधायक के क्षेत्र में 300-400 करोड़ के काम हुए हैं। हर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य जोरों पर चल रहे हैं। भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ रहे बिकाऊ विधायकों को उपचुनाव में जनता कड़ा सबक सिखाएगी।

उन्होंने कहा कि हमीरपुर जिला का यह सौभाग्य है कि उसे एक बार फिर मुख्यमंत्री मिला है। लेकिन राजेंद्र राणा व इंद्रदत्त लखनपाल को ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का मुख्यमंत्री बनना रास नहीं आ रहा। राणा तो हैं ही हमीरपुर जिला के विरोधी, वह यहां से मुख्यमंत्री देखना ही नहीं चाहते। उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा इतनी बढ़ चुकी है कि वह किसी को भी धोखा दे सकते हैं। उन्होंने हिमाचल की राजनीति में भी आया राम-गया राम की कहावत चरितार्थ कर दी है। हमीरपुर जिले की जनता इन दोनों बिकाऊ विधायकों को कभी माफ नहीं करेगी। राणा व लखनपाल कभी जनसेवक नहीं हो सकते, वे धनसेवक हैं। उन्होंने जनता की उम्मीदों को तोड़कर धन आत्मा की आवाज सुनी है। उनकी अंतरात्मा मर चुकी है।

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