एस. डी. पब्लिक स्कूल में शिक्षा और संस्कृति का उत्सव, वार्षिक पारितोषिक समारोह की धूम

हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा रहे मुख्यातिथि, 507 मेधावी छात्रों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया

विशाल राणा, हमीरपुर

एस. डी. पब्लिक स्कूल का वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह शिक्षा, संस्कृति और उपलब्धियों के अद्भुत संगम का साक्षी बना। 2 नवंबर को आयोजित इस भव्य समारोह ने न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच दिया, बल्कि शैक्षणिक क्षेत्र में उनकी उल्लेखनीय सफलताओं को भी सम्मानित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यातिथि विधायक श्री आशीष शर्मा ने दीप प्रज्वलन कर किया। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक स्वागत गीत के साथ उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य श्री विनोद ठाकुर ने स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में स्कूल की अभूतपूर्व उपलब्धियों से सभी को अवगत कराया।

समारोह की शोभा विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाई। बाल वाटिका के नन्हें-मुन्नों का ‘जो भी हो जाए मम्मा’ नृत्य दिल छू लेने वाला था। वहीं, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाटक ने दर्शकों में देशभक्ति की लहर दौड़ा दी। कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों द्वारा प्रस्तुत अंग्रेजी नाटक ‘द जीनियस माइंड – शकुंतला देवी’ ने गणितीय प्रतिभा के जादू को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में हिमाचली नाटी, राजस्थानी कालबेलिया और दक्षिण भारतीय नृत्य जैसी विविध सांस्कृतिक झलकियों ने समां बांध दिया

इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यातिथि श्री आशीष शर्मा ने वार्षिक परीक्षा, मासिक परीक्षा एवं बोर्ड मेरिट सहित विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लगभग 507 मेधावी छात्रों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया। अनिका शर्मा, नवनीत गर्ग, नियति ठाकुर, मेधांशी, सिद्धार्थ कौंडल, शिवांश कटोच सहित सभी टॉपर्स को बधाई दी गई।

मुख्यातिथि श्री आशीष शर्मा ने अपने संबोधन में स्कूल की व्यवस्थित कार्यप्रणाली और छात्रों की प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, लग्न और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अनुशासन जीवन का वह आधार है जो सफलता के शिखर तक पहुंचाता है।

कार्यक्रम में लगभग 1100 अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर बच्चों का हौसला बढ़ाया, जो स्कूल और समुदाय के बीच मजबूत रिश्ते को दर्शाता है। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य ने मुख्यातिथि, शिक्षकगण, अभिभावकों और समस्त गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया। यह समारोह निश्चित रूप से विद्यालय के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा।

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