
विवेक शर्मा हमीरपुर :- अग्निपथ योजना के विरोध में सीटू के राष्ट्रीय सचिव कश्मीर सिंह ठाकुर की अगुवाई में हमीरपुर के लंबलू बाजार में सैकड़ों लोगों ने रैली निकाली व अग्निपथ योजना का जमकर विरोध किया।
उल्लेखनीय है अभी हाल ही में मोदी सरकार द्वारा तानाशाही तरीके से देश की सुरक्षा को ताक में रखकर अनुबंध के आधार पर सेना की भर्ती प्रक्रिया की घोषणा कर दी है मात्र 4 साल के लिए बिना पेंशन और अन्य लाभ के ही अब सैनिकों से सेवाएं ली जाएंगी और रिटायर कर दिया जाएगा मोदी सरकार द्वारा यह तर्क दिया जा रहा है इससे बचने वाले पैसों से सेना की अन्य आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा जबकि या तरक सरासर गलत है मोदी सरकार ने रक्षा उत्पादन जैसे वाहन,गोला बारूद,अन्य हथियार व साजो सामान बनाने के कारखानों को देसी विदेशी निजी कंपनियों के हवाले करने का फैसला कर लिया है जिससे हमारी रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता निजी हाथों में चली जाएगी। जबकि वास्तविकता में मोदी सरकार ने अपने चहेते इकलौते पूंजीपति गौतम अडानी को ही 29 खरब से ज्यादा रुपयों की मदद की है जिसे उसूल नहीं किया जा रहा है। यह राशि देश के रक्षा बजट से कई गुना ज्यादा है उन्होंने कहा कि आम आदमी खासकर गरीब मजदूरों के बच्चों के लिए एकमात्र सरकारी नौकरी का सहारा फ़ौज ही था जिसे भी अब ठेके पर दिया जा रहा है मोदी सरकार हर तरह के रोजगार को नाम मात्र वेतन पर ठेका व्यवस्था में तब्दील कर रही है और अब फौज पर भी ठेका प्रथा लागू कर देना मोदी सरकार की घटिया मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सीटू इसके विरोध में गांव गांव के स्तर पर अभियान और आंदोलन शुरू करेगी और मोदी सरकार को अग्नीपथ योजना वापस लेने पर मजबूर कर देगी। आज की रैली शनि देव मंदिर लंबू से बाजार होते हुए तहसील कार्यालय तक पहुंची जिसमें मनरेगा मजदूरों को 100 दिन का काम ना मिलने वह उन्हें पूरी मजदूरी न मिलने के बारे और साथ में उनका वेतन ₹350 करने संबंधी मांग खाद्य वस्तुओं से जीएसटी को खत्म किया जाए निर्माण सामग्री पर 18% जीएसटी सरकार ने किया है जिसे न्यूनतम किया जाए हेतु तहसीलदार महोदय के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गौरतलब है कि मनरेगा मजदूरों का दोहरा शोषण सरकार कर रही है अगर उनकी मांगों पर गौर नहीं फरमाया जाता है तो आने वाले विधानसभा चुनाव के अंदर सरकार को इसके परिणाम भुगतने होंगे







