हमीरपुर कर्मचारी चयन बोर्ड की तमाम फंक्शनिंग सस्पेंड।

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों में बदनाम हो चुके कर्मचारी चयन बोर्ड हमीरपुर की तमाम फंक्शनिंग तत्काल प्रभाव से हिमाचल प्रदेश सरकार ने सस्पेंड की है। यानि इस अधिसूचना के बाद अब कर्मचारी चयन बोर्ड हमीरपुर का तमाम फंक्शनिंग आगामी आदेश तक सस्पेंड रहेगी।

एडीएम हमीरपुर संभालेंगे चयन बोर्ड ओएसडी का प्रभार

प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई तीन अधिसूचनाओं नं. पीईआर(ए-4)-बी(6)-1/2022(पार्ट) के मुताबिक कर्मचारी चयन आयोग के दो वरिष्ठ अधिकारियों को डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल में तत्काल प्रभाव से रिपोर्ट करने के आदेश हैं, जबकि चयन बोर्ड हमीरपुर का एडीएम हमीरपुर जितेंद्र सांजटा को प्रभार देते हुए उन्हें ओएसडी नियुक्त किया गया है, जबकि इसी कड़ी में आरोपी कर्मचारी सीनियर सुप्रिटेंडेंट को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश हैं। उधर, विजिलेंस की जांच निरंतर चली हुई है। समाचार लिखे जाने तक विजिलेंस की टीम अडिशनल एसपी रेणु शर्मा की अगुवाई में चयन बोर्ड कार्यालय हमीरपुर में लगातार जांच कार्य कर रही है।

पेपर लीक मामले में आरोपित कर्मचारी सस्पेंड
आरोपी कर्मचारी की तमाम खरीदों की विजिलेंस कर रही है जांच

सस्पेंड आरोपी कर्मचारी ऊमा आजाद व उसके परिजनों द्वारा हाल ही में की गई खरीदो-फरोख्त की जांच चल रही है। जिसमें विजिलेंस ने पाया है कि उक्त कर्मचारी ने अभी हाल ही में 10 लाख रुपए के सोने के गहने खरीदे हैं, जबकि 8 लाख रुपए उसके पास से पहले बरामद हो चुके हैं। समझा जा रहा है कि इस मामले में कुछ बड़े चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं व आने वाले समय में गिरफ्तारियों की फेहरिस्त लंबी हो सकती है। उधर, इस मामले में आक्रोशित जनता की मानें तो हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर की नींव ही भ्रष्टाचार पर रखी गई है।

चयन बोर्ड के शुरुआती दिनों में एक बड़े आईएएस अफसर पर भी गंभीर आरोपों के साथ मामला चला था, जबकि अब चयन बोर्ड के सूत्रों के हवाले से आ रही अपुष्ट सूचनाओं के मुताबिक कर्मचारी चयन बोर्ड लंबे अरसे से भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ था, जिसमें क्रम वाइज कई पेपर लीक करवाए गए हैं, जिनमें करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है। जानकारी यह भी है कि हमीरपुर चयन बोर्ड का ऊपर से नीचे तक सारा स्टाफ बदलने की भी योजना पर सरकार काम कर रही है।

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