अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश की दो दिवसीय प्रदेश कार्यकारिणी बैठक हुई नूरपुर में संपन्न, शैक्षणिक क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं को लेकर तय की आगामी रणनीति आकाश नेगी

शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की दो दिवसीय प्रदेश कार्यकारिणी बैठक 02 व 03 फरवरी को नूरपुर के वी.वी.एम. नर्सिंग इंस्टीट्यूट मलकबाल में संपन्न हुई। इस बैठक का शुभारंभ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के उत्तर क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्रीमान विजय प्रताप ने किया।इस बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमान प्रदीप जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ बैठक में प्रदेश अध्यक्ष डॉ सुनील ठाकुर, प्रदेश मंत्री आकाश नेगी व प्रदेश संगठन मंत्री गौरव अत्री सहित प्रदेश भर से आए हुए पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में संगठनात्मक विषयों की समीक्षा व आगामी समय में की जाने वाली संगठनात्मक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को लेकर योजना बनाई गई। प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में हिमाचल प्रदेश के वर्तमान शैक्षणिक परिदृश्य को लेकर गहन चर्चा के बाद एक प्रस्ताव भी पारित किया गया। विद्यार्थी परिषद का मानना है कि प्रत्येक सरकार का कर्तव्य बनता है कि वो प्रदेश के छात्रों को सस्ती, बेहतर व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करवाए। निश्चित रूप से कोरोना महामारी की वजह से प्रदेश का शैक्षणिक क्षेत्र बहुत अधिक प्रभावित हुआ है, परंतु ऐसे समय में प्रशासन व सरकार की भूमिका जो छात्रों के प्रति रहनी चाहिए थी वह संतोषजनक नहीं है। यदि बात करें हिमाचल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की तो हम देखते हैं कि किस तरह हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा आए दिन छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रदेश के हजारों छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन पर पेपर चेकिंग प्रक्रिया में गड़बड़ियां होने का आरोप लगा रहे हैं, परंतु प्रशासन द्वारा छात्रों को संतुष्ट करने के लिए इस ओर कोई भी सकारात्मक कदम नहीं उठाया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ अगर बात करें हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की तो पिछले 14 वर्षों से यह विश्वविद्यालय राजनीति की भेंट चढ़ता आया है। चाहे भाजपा की सरकार हो या कांग्रेस की, सभी राजनीतिक दलों ने केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेकने का ही काम किया परंतु आज तक केंद्रीय विश्वविद्यालय की समस्या को कोई स्थाई समाधान नहीं मिल पाया है। हिमाचल प्रदेश के बहुत सारे शिक्षण संस्थानों में शिक्षक व गैर शिक्षक के पद रिक्त पड़े हैं। जिस वजह से छात्रों को जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए थी वह उससे वंचित रह जाते हैं। कोरोना महामारी की आड़ में हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों द्वारा तथा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा भी छात्रों को लूटने का भरपूर प्रयास किया गया है। हिमाचल प्रदेश का एकमात्र तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर में स्थित है यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विश्वविद्यालय में स्थाई शिक्षक की नियुक्ति अभी तक नहीं हो पाई है। 90% पद खाली पड़े हैं। विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया जाए वह भारी भरकम फीस को कम करके गरीब विद्यार्थियों को उचित शिक्षा का अवसर प्रदान किया जाए।व शिक्षकों के रिक्त पड़े पदों को जल्द भरा जाए।

स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों को जल्द से जल्द लागू किया जाए जिसके अंतर्गत छठी कक्षा से वोकेशनल विषय जल्द शुरू किए जाएं । वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में करियर काउंसलिंग सेल खोले जाना आज समय की मांग है ताकि सही समय पर पर विद्यार्थियों को करियर के प्रति मार्गदर्शन मिल सके , विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु स्कूलों में व्यवस्था की जानी चाहिए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लंबे समय से नाॅन नेट , जेआरएफ शोधार्थियों को छात्रवृत्ति देने की मांग कर रही थी । पूर्व प्रदेश सरकार ने ऐसे सभी नाॅन नेट, जेआरएफ शोधार्थियों को प्रतिमाह ₹3000‌ छात्रवृत्ति देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार से मांग करती है कि इसे धरातल पर उतारा जाए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग करती है कि सरदार पटेल विश्वविद्यालय हेतु भूमि चयन प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करें व निर्माण कार्य अविलंब पूरा करें।

ऐसा ही देखा जाए तो हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें तो बढ़ाई गई लेकिन उसी अनुपात में छात्रों को एमबीबीएस के बाद पीजी करते हेतु पीजी की सीट को नहीं बढ़ाया गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पीजी की सीटें व उसके लिए प्राप्त आधारभूत ढांचे का प्रबंध किया जाए ।

हिमाचल प्रदेश के वेटनरी काॅलेजों के छात्रों को इंटर्नशिप के दौरान दी जाने वाली छात्रवृत्ति बहुत ही कम है, अभाविप छात्रवृत्ति को बढ़ाए जाने की मांग करती है।नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी में छात्रों के रहने व खाने की व्यवस्था दयनीय है। अतः एन एलयू में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए छात्रावास वह खाने की उचित व्यवस्था शीघ्र अतिशीघ्र की जाए‌। निजी विश्वविद्यालय विशेषकर बीएड महाविद्यालयों में फैली हुई अनियमितता की जांच की जांच की जाए ताकि वहां पर रह रहे छात्रों का शोषण ना हो ।

नौणी विश्वविद्यालय में सेल्फ फाइनेंस की फीस निजी विश्वविद्यालयों से भी ज्यादा है इस मंच से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार से मांग करती है कि नौणी विश्वविद्यालय की फीस कम की जाए और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में स्थाई कुलपति की नियुक्ति शीघ्र अति शीघ्र की जाए ताकि विश्वविद्यालय अधिक गति से प्रगतिशील हो पाए।

 

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